एग्रीवेट: 13 अक्टूबर 2026, रायसेन (कृषक जगत): चौपाल से नरवाई के दुष्परिणाम से अवगत किसान – फसलों में यूरिया एवं डीएपी उर्वरक का अत्यधिक उपयोग से होने वाले नुकसान से कृषि विभाग ने चौपाल लगाकर अवगत कराया। ग्राम इमलिया विकासखंड गैरतगंज में कृषकों के बीच उप संचालक कृषि श्री कोमल भगत ने चौपाल के माध्यम से फसलों में अधिक यूरिया, डीएपी के उपयोग से होने वाले दुष्परिणामों पर चर्चा कर अधिक उर्वरक के उपयोग के परिणाम बताए। जिनमें मिट्टी की जल धारण क्षमता , कार्बनिक पदार्थ की मात्रा लगातार कम होने से खेतों में सूक्ष्म जीवाणु केंचुए की संख्या भी लगातार घट रही बताया।
परियोजना संचालक आत्मा श्री रवि आम्रवंशी ने किसानों को अपने खेतों में गोबर की खाद, वर्मी कंपोस्ट, बीजामृत, जीवामृत, घन जीवामृत बनाकर उपयोग करने की सलाह दी खेत में कार्बनिक पदार्थ की मात्रा लगातार बढ़ेगी, मृदा की भौतिक संरचना में सुधार होगा, मिट्टी की जल धारण क्षमता बढ़ेगी, सूक्ष्म जीवाणुओं की संख्या मैं बढ़ोतरी होगी फल स्वरुप सभी फसलों का उत्पादन में बढ़ोतरी होना निश्चित है, फसलों की कीड़े बीमारियों से सुरक्षा हेतु प्राकृतिक तरीके से निर्मित नीमास्त्र, ब्रह्मास्त्र, अग्निआस्त्र का उपयोग कर खेती की लागत को कम करना बताया। डॉ. नामदेव एस ए डी ओ द्वारा कम वर्षा होने के कारण गेहूं की फसल कम रकबे में लगाने चना, मसूर, सरसों, अलसी कम पानी वाली फसलों को लगाने की सलाह दी तथा धान की कटाई के उपरांत पराली न जलाते हुए उन्नत कृषि यंत्र हैप्पी सीडर, सुपर सीडर, स्मार्ट सीडर आदि के माध्यम से सीधे दलहनी तिलहनी फसलों की बोनी कर खेत की नमी का सदुपयोग बताए।चौपाल में ग्राम के कृषक श्री रामबाबू, श्री बालमुकुंद, श्री दुलीचंद, श्री नारायण सिंह, श्री पूरन सिंह आदि उपस्थित थे।