एग्रीवेट: खेती में अगर पारंपरिक अनुभव के साथ आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक सोच को शामिल किया जाए, तो किसान अपनी आमदनी के नए रास्ते खोल सकता है. कटनी जिले के कैमोर क्षेत्र के ग्राम भैंसवाही के प्रगतिशील किसान विनोद कुमार मौर्य ने अपने करीब 10 एकड़ खेत में फसल विविधीकरण को अपनाकर इसका उदाहरण पेश किया है.उनके खेत में एक साथ कई फसलों की खेती की जा रही है, जिससे उत्पादन के साथ-साथ आय के अवसर भी बढ़े हैं.
विनोद मौर्य अपने करीब 10 एकड़ खेत में अदरक, बैंगन, सूरन और उड़द सहित विभिन्न फसलों की खेती कर रहे हैं. अलग-अलग फसलों को खेत में शामिल करने से उन्हें एक ही फसल पर निर्भर नहीं रहना पड़ता. इससे मौसम, उत्पादन और बाजार से जुड़े जोखिमों को कम करने में मदद मिलती है और सालभर आय के अलग-अलग अवसर बनते हैं.
किसान विनोद मौर्य के अनुसार, फसल विविधीकरण के जरिए उन्हें हर साल करीब 4 से 5 लाख रुपये की आय प्राप्त हो रही है.उन्होंने बताया कि खेती को बेहतर बनाने के लिए उन्हें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन के अंतर्गत संचालित योजना का भी लाभ मिला है.
विनोद मौर्य पारंपरिक कृषि अनुभव के साथ आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाकर अपने खेत में उत्पादन बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं. अलग-अलग फसलों का चयन, उनका प्रबंधन और बाजार की जरूरतों को ध्यान में रखकर खेती करना उनके कृषि मॉडल की प्रमुख विशेषता है.
उनका यह प्रयोग यह दिखाता है कि सीमित संसाधनों के बावजूद किसान फसल विविधीकरण और तकनीकी जानकारी के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं.
मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान-2026 के तहत जिले में विभिन्न नवाचारों और जनहितकारी गतिविधियों का मैदानी स्तर पर अवलोकन किया जा रहा है. इसी क्रम में कलेक्टर आशीष तिवारी, पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा, जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर और वनमंडलाधिकारी गर्वित गंगवार भैंसवाही पहुंचे और किसान विनोद मौर्य के खेत का निरीक्षण किया.
अधिकारियों ने खेत में लगी अलग-अलग फसलों का अवलोकन किया और किसान से उत्पादन, फसल प्रबंधन, विविधीकरण, आधुनिक तकनीक और खेती से होने वाली आय के बारे में जानकारी ली.किसान ने अधिकारियों को अपने कृषि मॉडल और विभिन्न फसलों से मिलने वाले लाभ के बारे में विस्तार से बताया.
कलेक्टर आशीष तिवारी ने किसान विनोद मौर्य के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि कृषि में आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाने से किसानों को अधिक लाभकारी और टिकाऊ खेती की दिशा में आगे बढ़ने में मदद मिल सकती है.
उन्होंने फसल विविधीकरण और नवाचार आधारित कृषि पद्धति को प्रोत्साहित करते हुए अन्य किसानों को भी वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया. विनोद मौर्य का 10 एकड़ का खेत अब क्षेत्र में विविध फसलों और आधुनिक कृषि पद्धति के एक प्रेरक मॉडल के तौर पर देखा जा रहा है.