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श्री (SRI) विधि से धान की उत्पादकता वृद्धि योजना

छत्तीसगढ़ शासन के कृषि विभाग द्वारा राज्य में धान की उत्पादकता बढ़ाने हेतु “श्री (SRI – System of Rice Intensification) विधि” के क्षेत्र विस्तार की योजना प्रारंभ की गई। इस योजना का उद्देश्य धान उत्पादन में वृद्धि, किसानों की आय में सुधार तथा उन्नत कृषि तकनीकों को बढ़ावा देना है।

योजना का उद्देश्य

इस योजना के अंतर्गत निम्न प्रमुख उद्देश्यों को निर्धारित किया गया है:

  1. धान की खेती में श्री विधि अपनाने हेतु किसानों को प्रोत्साहित करना।
  2. रोपाई तैयार करने तथा रोपाई के दौरान होने वाले अतिरिक्त व्यय की आंशिक पूर्ति करना।
  3. धान की उत्पादकता (Productivity Enhancement) में वृद्धि करना।
  4. किसानों की आय में बढ़ोतरी करना।
  5. कृषि विस्तार सेवाओं को किसानोन्मुख बनाना।

योजना का स्वरूप

  • यह योजना खरीफ धान फसल हेतु लागू की जाएगी।
  • राज्य के सभी जिलों में इसका क्रियान्वयन किया जाएगा।
  • पूर्व में जिन ग्राम पंचायतों में श्री विधि का प्रदर्शन किया गया था, वहाँ विस्तार किया जाएगा तथा अन्य पंचायतों में भी प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
  • योजना के अंतर्गत 20,000 हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र को श्री विधि में लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया।

पात्रता एवं चयन प्रक्रिया

  • धान उत्पादक सभी वर्ग के किसान पात्र होंगे।
  • प्रति किसान अधिकतम 0.4 हेक्टेयर क्षेत्र तक प्रोत्साहन दिया जाएगा।
  • एक किसान को पाँच वर्षों में केवल एक बार ही इस योजना का लाभ मिलेगा।
  • जिन किसानों ने अन्य स्रोत से समान प्रोत्साहन प्राप्त किया है, उन्हें पुनः लाभ नहीं दिया जाएगा।
  • चयनित किसानों की सूची पंचायत स्तर पर अनुमोदित की जाएगी।

प्रदर्शन का आयोजन

  • प्रदर्शन क्लस्टर के रूप में आयोजित किए जाएंगे।
  • एक क्लस्टर न्यूनतम 4 हेक्टेयर का होगा।

प्रोत्साहन सहायता

किसानों को नगद राशि के स्थान पर कृषि आदान (इनपुट) के रूप में सहायता प्रदान की जाएगी। प्रति हेक्टेयर लगभग ₹3500 के अनुपात से निम्न सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी:

  1. एन.पी.के. उर्वरक
  2. यूरिया
  3. जिंक सल्फेट (25 कि.ग्रा.)
  4. कीटनाशक/निराई संबंधित सामग्री
  5. पी.एस.बी.

कृषि आदानों का वितरण सहकारी समितियों के माध्यम से किया जाएगा। यदि सामग्री की उपलब्धता न हो, तो राशि सीधे किसान के बैंक खाते में हस्तांतरित की जा सकेगी।

व्यय प्रावधान

योजना अंतर्गत खेत की तैयारी, अन्य कृषि कार्य, निराई-गुड़ाई आदि पर लगभग ₹10,000 प्रति हेक्टेयर व्यय का अनुमान है, जिसका वहन किसान द्वारा किया जाएगा। शासन द्वारा केवल निर्धारित प्रोत्साहन सहायता प्रदान की जाएगी।

क्रियान्वयन एजेंसी

योजना का क्रियान्वयन संचालनालय कृषि, छत्तीसगढ़, रायपुर द्वारा किया जाएगा।

पर्यवेक्षण व्यवस्था

योजना के सफल संचालन हेतु विभिन्न स्तरों पर पर्यवेक्षण की व्यवस्था की गई:

  • अनुभाग स्तर – अनुभागीय कृषि अधिकारी
  • जिला स्तर – उप संचालक कृषि
  • संभाग स्तर – संयुक्त संचालक कृषि
  • राज्य स्तर – संचालक कृषि

भौतिक सत्यापन

श्री विधि अपनाने वाले किसानों के खेतों का भौतिक सत्यापन निम्न स्तरों पर किया जाएगा:

  • जिला स्तरीय अधिकारी
  • अनुभागीय कृषि अधिकारी
  • कृषि विकास अधिकारी
  • ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी

उत्तरदायित्व

  • समय सीमा में किसानों के आवेदन तैयार कराना।
  • श्री विधि का प्रशिक्षण प्रदान करना।
  • रोपाई एवं बोनी समय पर कराना।
  • आवश्यक कृषि यंत्र जैसे मार्कर एवं रोटरी वीडर उपलब्ध कराना।

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