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किसान समृद्धि योजना (नलकूप स्थापना हेतु अनुदान)

छत्तीसगढ़ शासन द्वारा कृषकों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने तथा नवीन सिंचित क्षेत्र का विस्तार करने के उद्देश्य से “किसान समृद्धि योजना” प्रारंभ की गई। इस योजना के अंतर्गत कृषकों को नलकूप (ट्यूबवेल) स्थापना एवं पंप प्रतिस्थापन पर अनुदान प्रदान किया जाता है। बाद में प्रशासनिक आवश्यकताओं एवं व्यावहारिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए योजना में संशोधन किए गए, जिन्हें इस समेकित दस्तावेज में सम्मिलित किया गया है।


1. योजना का उद्देश्य

  1. नवीन नलकूप स्थापना के माध्यम से सिंचित क्षेत्र का विस्तार।
  2. लघु एवं सीमांत कृषकों को प्राथमिकता देते हुए सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना।
  3. फसल उत्पादकता एवं फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना।
  4. ऊर्जा दक्ष पंपों के माध्यम से जल उपयोग में सुधार।

2. कार्य क्षेत्र

  • योजना संपूर्ण राज्य में लागू।
  • पात्र कृषक व्यक्तिगत रूप से अथवा समूह के रूप में आवेदन कर सकते हैं।

3. चयन प्रक्रिया

  • जिले के समस्त वर्ग के कृषक पात्र।
  • लघु एवं सीमांत कृषकों को प्राथमिकता।
  • पंचायत की अनुशंसा के आधार पर चयन।
  • प्रथम आओ, प्रथम पाओ के सिद्धांत पर पंजीयन।

4. अनुदान की पात्रता (मूल प्रावधान – 2012)

(क) नलकूप खनन पर अनुदान

कृषक वर्गअनुदान पात्रता
सामान्य वर्गखनन लागत या ₹10,000 (जो कम हो)
अजा/अजजा वर्गखनन लागत या ₹15,000 (जो कम हो)

(ख) पंप प्रतिस्थापन पर अनुदान

कृषक वर्गअनुदान पात्रता
सामान्य वर्गपंप एवं सहायक सामग्री लागत या ₹15,000 (जो कम हो)
अजा/अजजा वर्गपंप एवं सहायक सामग्री लागत या ₹25,000 (जो कम हो)

5. संशोधित प्रावधान (2013–2017)

संशोधन आदेशों के अनुसार निम्न परिवर्तन/स्पष्टीकरण किए गए:

  1. कुछ वर्गों हेतु अनुदान सीमा में आंशिक वृद्धि।
  2. लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं जल संसाधन विभाग के स्थान पर अधिकृत निजी/पंजीकृत ठेकेदारों द्वारा कार्य निष्पादन की अनुमति।
  3. अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के कृषकों को अतिरिक्त प्रोत्साहन।
  4. समूह आधारित नलकूप स्थापना को प्राथमिकता।
  5. कार्य पूर्णता के बाद भौतिक सत्यापन अनिवार्य।

6. तकनीकी एवं प्रशासनिक शर्तें

  1. नलकूपों के बीच न्यूनतम दूरी 300 मीटर।
  2. पंजीयन तिथि से 15 दिवस के भीतर कार्य प्रारंभ।
  3. विद्युत कनेक्शन हेतु आवश्यक औपचारिकताएँ पूर्ण करना अनिवार्य।
  4. खनन एवं पंप स्थापना का प्रमाण-पत्र संबंधित कृषि अधिकारी द्वारा सत्यापित।
  5. एक वित्तीय वर्ष में एक कृषक को एक ही नलकूप पर अनुदान।
  6. सहकारी संस्था, ट्रस्ट या संस्थाओं को सामान्यतः पात्रता नहीं।

7. निरीक्षण एवं अनुश्रवण

  • ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी द्वारा प्रारंभिक निरीक्षण।
  • वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी द्वारा भौतिक सत्यापन।
  • 100% सत्यापन के पश्चात अनुदान स्वीकृति।
  • राशि सीधे कृषक के बैंक खाते में अंतरण।

8. व्यय शीर्ष (बजटीय प्रावधान)

व्यय निम्न मांग शीर्षों के अंतर्गत वहन किया जाएगा:

  1. मांग संख्या 45 – लघु सिंचाई योजना
  2. मांग संख्या 64 – अनुसूचित जाति उपयोजना
  3. मांग संख्या 41 – अनुसूचित जनजाति उपयोजना

9. योजना की प्रमुख विशेषताएँ

  • सिंचाई विस्तार के माध्यम से फसल तीव्रता में वृद्धि।
  • दलहन, तिलहन एवं नगदी फसलों को बढ़ावा।
  • कृषि उत्पादन में स्थिरता एवं जोखिम में कमी।
  • लघु एवं सीमांत किसानों की आय वृद्धि।

10. निष्कर्ष

“किसान समृद्धि योजना” छत्तीसगढ़ में कृषि आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। नलकूप स्थापना एवं पंप प्रतिस्थापन पर अनुदान प्रदान कर राज्य ने सिंचित क्षेत्र विस्तार, उत्पादन वृद्धि तथा किसान आय संवर्धन की दिशा में ठोस कदम उठाया है।

संशोधित दिशा-निर्देशों के माध्यम से योजना को अधिक पारदर्शी, लक्षित एवं प्रभावी बनाया गया है, जिससे विशेष रूप से लघु, सीमांत एवं वंचित वर्ग के कृषकों को लाभ सुनिश्चित हो सके।

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