एग्रीवेट: हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के धुराला गांव में खेत में बिजली के खंभे लगाने को लेकर विवाद के दौरान एक किसान ने खुद को आग लगा ली. किसान की बहन उसे बचाने पहुंची तो उसके हाथ भी झुलस गए. गंभीर रूप से घायल किसान को पहले सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे आगे के इलाज के लिए चंडीगढ़ स्थित पीजीआईएमईआर रेफर कर दिया गया. किसान की पहचान धुराला गांव के जगपाल सिंह के रूप में हुई है. उसके भाई रमेश कुमार ने बताया कि परिवार के पास चार अलग-अलग आधा-आधा एकड़ के प्लॉट हैं. इनमें से एक प्लॉट जगपाल के हिस्से में है. रमेश ने कहा कि बिजली विभाग ने जगपाल के खेत में पहले ही चार खंभे लगा दिए थे और 33 केवी और 11 केवी बिजली लाइनों के लिए तीन और खंभे लगाने की योजना थी.
रमेश कुमार ने कहा कि जगपाल ने खंभे लगाने के मामले में करीब छह महीने पहले अदालत में केस दायर किया था. इस मामले में अगली सुनवाई 4 नवंबर को होनी है. उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बुधवार दोपहर करीब 12:30 बजे बिजली विभाग की टीम पुलिस के साथ मौके पर पहुंची और खंभे लगाने का काम शुरू कर दिया.
इसकी जानकारी मिलने पर जगपाल अपने परिवार के सदस्यों के साथ खेत में पहुंचा और काम का विरोध किया. रमेश का आरोप है कि जब कर्मचारियों ने काम नहीं रोका तो जगपाल पेट्रोल लेकर आया और खुद को आग लगा ली. इस दौरान उसे बचाने की कोशिश में उसकी बहन प्रीतो के हाथ भी झुलस गए. परिवार के अनुसार, जगपाल को गंभीर चोटें आई हैं.
वहीं, बिजली विभाग के एसडीओ संदीप कुमार ने कहा कि इस मामले में अदालत की ओर से कोई रोक नहीं लगाई गई थी. उन्होंने कहा कि विवाद जगपाल और उसके एक पड़ोसी के बीच था. पड़ोसी के घर में बिजली सप्लाई से जुड़ी समस्या थी, जिसके समाधान के लिए बिजली विभाग की टीम खंभे लगाने पहुंची थी.
संदीप कुमार ने बताया कि पुलिस की मौजूदगी में दो खंभे लगाने का काम किया जा रहा था और किसान के खुद को आग लगाने से पहले करीब 99 प्रतिशत काम पूरा हो चुका था. उन्होंने परिवार के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि खंभे खेत की मेड़ पर लगाए जा रहे थे.
झांसा थाना प्रभारी कुलबीर कौर ने बताया कि बिजली विभाग की टीम ने सुरक्षा और सहायता के लिए पुलिस से संपर्क किया था, जिसके बाद पुलिसकर्मी उसके साथ मौके पर गए थे. उन्होंने कहा कि जगपाल सिंह के खुद को आग लगाने की परिस्थितियों की जांच की जा रही है. (पीटीआई)