एग्रीवेट: 19 सितंबर 2026, नई दिल्ली: अल्मोड़ा: भाकृअनुप संस्थान ने विकसित की धान की नई किस्म VL 160, जानें इसकी खासियत और औसत उपज – भाकृअनुप-विवेकानन्द पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा ने वर्षाश्रित उपराऊ जेठी धान में जैविक परिस्थितियों में बोई जाने के लिए धान की नई प्रजाति VL धान 160 (वीएल 20986, आईईटी 30525) विकसित की है। जैविक परिस्थितियों में इस प्रजाति की औसत उपज 2,321 किलोग्राम/हेक्टेयर देखी गई है, जो मानक प्रजाति विवेक धान 154 की तुलना में 18.37 प्रतिशत तथा VL धान 156 की तुलना में 10.78 प्रतिशत अधिक है।
VL धान 160 को VL 7620 और VL 8801 के संकरण से विकसित किया गया है। इसके पौधों की ऊंचाई 90-95 सेंटीमीटर होती है। पौधे मध्यवर्ती ऊंचाई वाले, अर्ध-खड़े और नहीं गिरने वाले होते हैं।
इस प्रजाति ने बेहतर गुणवत्ता वाली विशेषताओं का भी प्रदर्शन किया है। इसमें छिलका उतारने की प्रतिशतता 82 प्रतिशत, कुटाई/प्रसंस्करण की प्रतिशतता 74 प्रतिशत और साबुत चावल की प्राप्ति 58 प्रतिशत है। इसमें एमाइलोज की मात्रा 21.60 प्रतिशत है। इसके दाने लंबे और मोटे होते हैं।
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