मानसून में गेहूं चावल में नहीं लगेंगे घुन! अपनाएं ये देसी घरेलू उपाय और जानें स्टोरेज करने का तरीका.. – एग्रीवेट

Team Agrivate
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एग्रीवेट: मानसून के मौसम में अक्सर रसोई में रखें गेहूं, चावल, दाल और आटे में सीलन होने के कारण अनाजों में घुन लगने की समस्या का लोगों को सामना करना पड़ता है और ऐसे में हर किसी के मन में यह सवाल आता है कि कैसा इस मानसून के सीजन में रसोई में रखें अनाज को सुरक्षित रखें, ताकि घुन (weevils) लगने का खतरा भी रोका जा सकें. ऐसे में ये देसी घरेलू उपाय और ये स्टोरेज तरीका आपकी इस समस्या का निवारण कर सकता है. आगे लेख में पढ़ें.

एयरटाइट कंटेनर में अनाज करें स्टोरेज

अक्सर भारतीय रसोई में महिलाएं मसालों और अनाजों को प्लास्टिक के डिब्बों में स्टोर करके रख देती है, जो स्टोर करने का बिल्कुल ही गलत तरीका है. अगर आप घर में रखें चावल, आटे को स्टोर कर रहे हैं, तो हमेशा स्टील या कांच के एयरटाइट डिब्बों का उपयोग करें ताकि डिब्बे के अंदर हवा और नमी न जा सकें और अनाज, चावल सुरक्षित रहें.

कई घरों में लोग अनाजों को ड्रम या बोरियों में स्टोर करके सीधा जमीन पर ही रख देते हैं, जिससे जमीन में आने वाली ठंडक अनाजों में आ जाती है, जिसे हम नमी कहते हैं, जो बिल्कुल ही गलत तरीका है. अगर आप अनाज स्टोरेज कर रहे हैं, तो ध्यान रहें कि ड्रम या बोरियों में अजाज रखते समय लकड़ी के तख्ते, स्टूल या ईंटों के ऊपर स्टैंड पर ही रखें. इसके अलावा, जब आप अनाज स्टोरेज करें तो अनाज को भरने से पहले 2-3 घंटे अच्छी तरह धूप में जरूर सुखा लें.

भारतीय रसोई में हींग का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर किया जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह नमी के मौसम में अनाजों में कीड़े और घुन लगने के खतरे को कम करता है. अगर आपकी रसोई में रखें अनाज में घुन लग रहे हैं, तो सॉलिड हींग को पीसकर एक साफ कपड़े में बांधकर पोटली बना लें और दाल, चावल के डिब्बों में रख दें. ऐसा करने से कभी अनाज में घुन नहीं लगेगा और गेहूं, दाल, चावल सुरक्षित रहेंगे.

अगर आप अनाजों को एयरटाइट कंटेनर में स्टोरेज करते हैं, तो इस बात का विशेष रुप से ख्याल रखें कि डिब्बे के अंदर सूखी नीम की पत्तियां या 3-4 तेजपत्ते रखें, ताकि गंध से कीड़े और घुन पास नहीं आए.

तीसरा तरीका है लौंग और लाल मिर्च कंटेनर में जब अनाज को स्टोर करें तो हमेशा 4-5 सूखी लाल मिर्च या कुछ साबुत लौंग अनाज में डाल दें जिससे घुन लगने का खतरा कम रहता है.

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