गौतम बुद्ध नगर में किसान गोष्ठी आयोजित, किसानों ने गिनाईं कृषि की प्रमुख चुनौतियां—देखें क्या है पूरा सच – एग्रीवेट

Team Agrivate
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एग्रीवेट: किसानों की स्थानीय समस्याओं और कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों की संभावनाओं को समझने के लिए आईसीएआर-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI), नई दिल्ली के फार्मर फर्स्ट कार्यक्रम के अंतर्गत दादरी ब्लॉक के रूपवास, अमका, वीरपुरा और बम्बावड़ गांवों में किसान गोष्ठी एवं सहभागी ग्रामीण मूल्यांकन (PRA) आयोजित किया गया.

किसानों के साथ संवाद के दौरान जल प्रदूषण, धान एवं गेहूं में रोगों तथा आवारा पशुओं से फसलों को होने वाले नुकसान को प्रमुख समस्याओं के रूप में सामने रखा गया. वैज्ञानिकों ने खेतों का भ्रमण कर फसलों की स्थिति का जायजा लिया तथा गाय और भैंस, विशेषकर देशी नस्ल के पशुओं, का भी अवलोकन किया.

PRA के दौरान गांवों में सुअर पालन, मत्स्य पालन और मधुमक्खी पालन जैसी कृषि-संबद्ध गतिविधियों की संभावनाएं भी सामने आईं. किसानों की आय बढ़ाने के लिए FPO के माध्यम से बीज हब विकसित करने, कृषि उत्पादों में मूल्य संवर्धन और सामूहिक विपणन की संभावनाओं पर चर्चा की गई. किसानों ने मशरूम उत्पादन, मधुमक्खी पालन तथा जैविक एवं प्राकृतिक खेती में प्रशिक्षण की आवश्यकता भी व्यक्त की.

रबी मौसम को ध्यान में रखते हुए किसानों को पूसा सरसों-30 और पूसा विजय की गुणवत्ता युक्त बीज तथा आईएआरआई की उन्नत किस्मों वाली रबी सब्जी बीज किट वितरित की गई, जिसमें प्याज, सरसों का साग एवं अन्य मौसमी सब्जियों के बीज शामिल थे.

कार्यक्रम का आयोजन कृषि प्रसार संभाग द्वारा डॉ. सत्यप्रिय, विभागाध्यक्ष के नेतृत्व में किया गया. इसमें परियोजना की प्रधान अन्वेषक डॉ. सुभाश्री साहू, वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. सुकन्या बरुआ, तकनीकी कर्मचारी श्री सत्य प्रकाश एवं श्री छोटे लाल मीणा, रूपवास के सरपंच श्री संजीव प्रेमी तथा गौतम बुद्ध नगर के सेवानिवृत्त कृषि विभागीय जिला अधिकारी डॉ. अम्बा प्रकाश शर्मा सहित लगभग 50 किसानों ने भाग लिया.

फार्मर फर्स्ट कार्यक्रम के तहत चयनित गांवों में अगले पांच वर्षों तक किसानों की भागीदारी से कृषि, पशुपालन एवं अन्य आजीविका गतिविधियों को सुदृढ़ करने, नई तकनीकों के प्रदर्शन, कौशल विकास और आय के विविधीकरण पर कार्य किया जाएगा.

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