एग्रीवेट: हिंदु धर्म में नवरात्रि का पर्व बेहद ही धूमधाम से मनाया जाता है और पूरे नौ दिनों तक मां दुर्गा की उपासना की जाती है, लेकिन इस वर्ष इस पर्व को लेकर काफी लोगों के मन में शारदीय नवरात्रि की तिथियों को लेकर असमंजस बना हुआ है. भक्तगणों के मन में यह उलझन है कि इस बार अष्टमी और नवमी की पूजा का मुहूर्त एक ही दिन है या फिर अलग-अलग तिथि में है. चलिए जानते हैं दुर्गा मां की आराधना का सही मुहूर्त क्या है.
भारत देश में नवरात्रि के पर्व को हिंदू धर्म में बहुत ही भक्ति-भाव के साथ मनाया जाता है. इसी के चलते इस साल लोगों के मन में यह सवाल है कि किस दिन कलश स्थापना की जाएगी, तो आपको बता दें कि इस साल कलश की स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त 10 अक्टूबर रविवार को आश्विन शुक्ल प्रतिपदा तिथि रात 9:19 बजे से शुरू होकर अगले दिन 11 अक्टूबर रविवार को रात 9:30 बजे तक खत्म होगी. यानी की आप 11 अक्टूबर के दिन सुबह 6:19 बजे से लेकर दोपहर 12:31 तक आप कलश स्थापित कर सकते हैं.
नवरात्रि के नौ दिनों में किन कामों से बचना जरुरी?
अगर आपके घर में नौ दिनों तक मां दुर्गा की पूजा की जाती है और पूरे नौ दिनों तक मां दुर्गा के व्रत रखें जाते हैं, तो इन कामों को पूरे नौ दिनों तक गलती से भी न करें-
तामसिक भोजन घरों में बिल्कुल भी नहीं बनाएं.
प्रतिपदा तिथि, कलश स्थापना, मां शैलपुत्री पूजा
दुर्गा अष्टमी और महानवमी, मां महागौरी और मां सिद्धिदात्री की पूजा, कन्या पूजा, 20 अक्टूबर, मंगलवार
नवरात्रि के बाद हर किसी को इंतजार होता है दशहरा का जिसको हिंदु परंपरा के अनुसार नवरात्रि के पूरे नौ दिनों बाद दशमी के रुप में मनाया जाता है, जिसे विजयादशमी भी कहां जाता है और इस दिन रावण का पुतला बनाकर उसका दहन किया जाता है. इस साल दशहरा 20 अक्टूबर यानी की मंगलवार के दिन मनाया जाएगा.