सीधी में बढ़ रहा मिलेट का दायरा, 4,500 हेक्टेयर में रागी-कोदो की खेती को बढ़ावा: सीएम मोहन यादव – एग्रीवेट

Team Agrivate
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सीधी में बढ़ रहा मिलेट का दायरा, 4,500 हेक्टेयर में रागी-कोदो की खेती को बढ़ावा: सीएम मोहन यादव - एग्रीवेट

एग्रीवेट: 24 सितंबर 2026, भोपाल: सीधी में बढ़ रहा मिलेट का दायरा, 4,500 हेक्टेयर में रागी-कोदो की खेती को बढ़ावा: सीएम मोहन यादव – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि खेती का भविष्य उज्जवल है। किसानों को समय के साथ खेती में बदलाव करते हुए नई तकनीक, फसल विविधीकरण और खाद्य प्रसंस्करण से जोड़ने की दिशा में पहल करनी होगी। श्रीअन्न, उद्यानिकी, पशुपालन और कृषि आधारित उद्योगों में रुचि लेकर किसान आमदनी के नए रास्ते खोल सकते हैं। सीधी मिलेट उत्पादन में अग्रणी है। यहां कोदो, कुटकी, सांवा, मिजरी और काकुन जैसी कई मिलेट फसलें पारंपरिक रूप से उगाई जाती हैं, जो यहां की संस्कृति का अहम हिस्सा हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीअन्न को बढ़ावा देने के लिए जिले में 2 हजार हेक्टेयर में रागी और लगभग ढाई हजार हेक्टेयर में कोदो की फसल को बढ़ावा दिया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि श्रीअन्न का उत्पादन बढ़ाने के साथ किसानों को प्रसंस्करण और बाजार से भी जोड़ा जाए, जिससे उनकी आमदनी के नए रास्ते खुलें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह विचार सीधी के बलराम कृषि महोत्सव को मंत्रालय भोपाल से वर्चुअली संबोधित करते हुए व्यक्त किए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चंद्रेह शिव मंदिर में विराजे बाबा भोलेनाथ, बढ़ौरानाथ स्वामी और जगत जननी जगदंबा को नमन करते हुए कहा कि सीधी जिले में आदिशक्ति के अनेक पावन धाम हैं। प्रदेशवासियों पर सबकी कृपा बनी रहे, यही कामना है। इस अवसर पर मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री श्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल और मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव श्री नीरज मंडलोई उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय संस्कृति से सजे सीधी की संभावनाओं की सूची बहुत लंबी है। खेती-किसानी के साथ पर्यटन, दरी कारीगरी, प्रकृति के वैभव और लोक संस्कृति यहां की रीढ़ है। पंजा दरी कारीगरों ने अपनी मेहनत और कला के बल पर सीधी को नई पहचान दी है। सीधी जिला कालीन बुनकरों का घर है और पंजा दरी विश्व प्रसिद्ध है, जिसकी मांग विदेश तक है। उन्होंने कहा कि पंजा दरी और कालीन हथकरघा उत्पादों को ‘एक जिला-एक उत्पाद’ के तहत बढ़ावा दिया जा रहा है। रामपुर नैकिन के भरतपुर गांव में हथकरघा और आकर्षक खादी परिधान बनाने की इकाई भी संचालित है। इससे स्थानीय कारीगरों को आय के अवसर मिल रहे हैं।

“खेती को लाभ का धंधा कैसे बनाएं” विषय पर संगीता मिश्रा मझरेटी खुर्द सिहावल, विपिन शुक्ला मनकीसर रामपुर नैकिन, सजन सिंह बरमानी सीधी, विष्णुकांत कुशवाह भैसरहा रामपुर नैकिन एवं आरती सिंह टीकटकला सीधी ने अपने अनुभव साझा किए। मत्स्यपालन, कस्टम हायरिंग सेंटर, प्राकृतिक खेती, दाल उत्पादन, बेसन प्रोसेसिंग, राइस मिल, भैंस पालन और सब्जी उत्पादन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले स्वेता सिंह, सिद्धार्थ सिंह, विवेक सिंह चौहान, संगीता मिश्रा, रीतू सिंह, बैयंत सिंह, रोहित कुमार मिश्रा, उर्मिला साहू, सौखीलाल यादव एवं गुलाब सिंह को सम्मानित किया गया।

कक्षा 10वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अभय गुप्ता, प्रिंस पटेल, चैतन्य सिंह चौहान, प्रिंस सिंह चौहान, आदित्य तिवारी, शिवाक्षत शुक्ला, आदर्श सिंह, आदर्श गुप्ता, यश चतुर्वेदी एवं गरिमा दुबे को सम्मानित किया गया। सीधी में आयोजित कार्यक्रम में सांसद डॉ. राजेश मिश्रा, विधायक श्री कुंवर सिंह टेकाम, श्री विश्वामित्र पाठक, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मंजू रामजी सिंह, कलेक्टर श्री विकास मिश्रा तथा अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

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