धान किसान ध्यान दें! इस तारीख से शुरू होगी सरकारी खरीद, MSP पर बेचने के लिए ऐसे करें रजिस्ट्रेशन – एग्रीवेट

Team Agrivate
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एग्रीवेट: Paddy Procurement: हिमाचल प्रदेश के धान किसानों के लिए अच्छी खबर है. राज्य में खरीफ सीजन की धान खरीद की तैयारियां शुरू हो गई हैं और किसानों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है. जो किसान अपनी फसल सरकारी खरीद केंद्रों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP पर बेचना चाहते हैं, उन्हें पहले HP ऐप पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा. इस बार धान की सरकारी खरीद 3 अक्टूबर से शुरू होकर 15 दिसंबर तक चलेगी. इसके लिए कांगड़ा, सोलन, ऊना और सिरमौर जिलों में कुल 11 खरीद केंद्र बनाए गए हैं. किसानों से अपील की गई है कि वे समय रहते पंजीकरण पूरा कर लें, ताकि फसल बेचते समय किसी तरह की परेशानी न हो.

चार जिलों में बनाए गए 11 खरीद केंद्र

हिमाचल सरकार ने धान खरीद के लिए कांगड़ा, सोलन, ऊना और सिरमौर जिलों में सरकारी खरीद केंद्र तय किए हैं. इन केंद्रों पर किसान अपनी धान की फसल सरकार को बेच सकेंगे. सरकार का मकसद है कि किसानों को उनकी फसल का तय MSP मिले और उन्हें अपनी उपज बेचने के लिए भटकना न पड़े. कृषि विभाग के अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे गांवों और किसानों के बीच सरकारी खरीद और MSP की जानकारी ज्यादा से ज्यादा पहुंचाएं.

फार्मर आईडी वालों को रजिस्ट्रेशन में मिलेगी राहत

जिन किसानों के पास किसान पहचान पत्र यानी फार्मर आईडी है, उनके लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया आसान होगी. ऐसे किसानों की जमीन और किसान से जुड़ी जरूरी जानकारी सिस्टम के जरिए ऑनलाइन ही हासिल की जा सकेगी. इसका फायदा यह होगा कि किसानों को जमीन के रिकॉर्ड का अलग से पटवारी के माध्यम से सत्यापन कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी. हालांकि, किसानों को अपना बैंक खाता संबंधी विवरण पोर्टल पर दर्ज करना होगा, ताकि भुगतान से जुड़ी प्रक्रिया पूरी की जा सके.

फार्मर आईडी नहीं है तो ऐसे होगा सत्यापन

जिन किसानों के पास फार्मर आईडी नहीं है, वे भी HP ऐप पोर्टल पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं. इसके लिए उन्हें पोर्टल पर मांगी गई जरूरी जानकारी भरनी होगी. ऐसे किसानों के जमीन के रिकॉर्ड का ऑनलाइन सत्यापन पटवारी की ओर से किया जाएगा. वहीं, फसल से जुड़ी जानकारी संबंधित कृषि विभाग के अधिकारी ऑनलाइन दर्ज करेंगे. इस पूरी प्रक्रिया का मकसद किसानों की जानकारी को सही तरीके से दर्ज करना और सरकारी खरीद को आसान बनाना है.

2,461 रुपये प्रति क्विंटल मिलेगा MSP

खरीफ सीजन 2026-27 के लिए केंद्र सरकार ने धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,461 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है. यह पिछले साल के MSP से 72 रुपये ज्यादा है. MSP का मतलब वह तय कीमत है, जिस पर सरकारी एजेंसियां किसानों से उनकी फसल खरीदती हैं. ऐसे में सरकारी खरीद केंद्रों पर धान बेचने वाले किसानों को तय समर्थन मूल्य का लाभ मिल सकता है.

किसान समय पर करा लें रजिस्ट्रेशन

कांगड़ा, सोलन, ऊना और सिरमौर के किसानों से कहा गया है कि वे सरकारी खरीद शुरू होने से पहले अपना ऑनलाइन पंजीकरण पूरा कर लें. इससे फसल बेचने के समय जरूरी प्रक्रिया को पूरा करने में आसानी होगी. कृषि विभाग भी किसानों को MSP और सरकारी खरीद केंद्रों की जानकारी देने में जुटा है. किसानों के लिए जरूरी है कि वे अपनी फसल सरकारी खरीद की तय व्यवस्था के तहत ही बेचें और रजिस्ट्रेशन से जुड़ी जानकारी समय पर पूरी कर लें.

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