एग्रीवेट: उत्तर प्रदेश सरकार ने विकास और जनकल्याण से जुड़े 23 अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक में इन प्रस्तावों पर फैसला लिया गया. इनमें चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे, परिषदीय स्कूलों को स्मार्ट स्कूल बनाने, खिलौना उद्योग को बढ़ावा देने, किसानों को सस्ता कर्ज देने, मथुरा की बंद छाता चीनी मिल में इथेनॉल प्लांट बनाने और पूर्व अग्निवीरों को सरकारी भर्ती में आरक्षण देने जैसे फैसले शामिल हैं. सरकार ने शिक्षा, कृषि, रोजगार, स्वास्थ्य, उद्योग और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई प्रस्तावों को भी मंजूरी दी. वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने प्रेसवार्ता में इन फैसलों की जानकारी दी. चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण के संशोधित प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है. इस परियोजना पर करीब 1,008.67 करोड़ रुपये खर्च होंगे. पूरी राशि राज्य सरकार वहन करेगी. यह 15.172 किलोमीटर लंबा, छह लेन का ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे होगा. इसे प्रवेश नियंत्रित बनाया जाएगा. एक्सप्रेसवे का निर्माण ईपीसी मोड पर किया जाएगा. निर्माण एजेंसी के चयन के लिए ग्लोबल टेंडर जारी किया जाएगा. इस एक्सप्रेसवे के बनने से बुंदेलखंड से चित्रकूट धाम तक आने-जाने में आसानी होगी. साथ ही, इससे क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. उत्तर प्रदेश सरकार ने बेसिक शिक्षा परिषद के तहत आने वाले प्राथमिक विद्यालयों को स्मार्ट स्कूल के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. इसके तहत सरकारी प्राथमिक स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाया जाएगा. साथ ही, विद्यार्थियों को आधुनिक और बेहतर शैक्षिक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा. सरकार का उद्देश्य स्कूलों में पढ़ाई का माहौल सुधारना और बच्चों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ना है. साथ ही सरकार ने लघु और सीमांत किसानों को सस्ती ब्याज दर पर लंबी अवधि का कर्ज देने का फैसला किया है. मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत किसानों को अधिकतम 6 लाख रुपये तक का ऋण 6 फीसदी सालाना ब्याज पर मिलेगा. यह कर्ज उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड के माध्यम से दिया जाएगा. इससे किसानों को खेती और ग्रामीण जरूरतों के लिए कम ब्याज दर पर आर्थिक मदद मिल सकेगी. वहीं, मथुरा की बंद छाता चीनी मिल में बनेगा इथेनॉल प्लांट बनेगा. इसके लिए सरकार से मंजूरी मिल गई है. गन्ना विकास मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी ने बताया कि प्लांट पर 200 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होंगे. यह एक्सटेंशन प्लांट साल में करीब 11 महीने चलेगा. इसकी सालाना इथेनॉल उत्पादन क्षमता 3.96 करोड़ लीटर होगी. गन्ने की पेराई का सीजन खत्म होने के बाद मक्का और धान से भी इथेनॉल तैयार किया जाएगा. मंत्री के मुताबिक, छाता चीनी मिल करीब 19 साल से बंद है. अब इस परियोजना से मिल और आसपास के क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. मिल की नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से करीब 40 मिनट की दूरी को भी परियोजना के लिए अहम माना जा रहा है. यहां गोदाम और दूसरी सुविधाएं विकसित किए जाने की संभावना है.