एग्रीवेट: बिहार की भीषण बाढ़ और फसलों को हुए नुकसान का जायजा लेने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान उच्चस्तरीय केंद्रीय दल के साथ बिहार पहुंचे. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्र-राज्य के अधिकारियों के साथ उन्होंने हाजीपुर, वैशाली, मुंगेर और भागलपुर के प्रभावित इलाकों का दौरा किया. शिवराज सिंह चौहान ने तेरसिया और सरायपुर गांवों में मोटरबोट और नाव से जलमग्न घरों व खेतों का निरीक्षण किया. कुछ इलाकों में ट्रैक्टर से स्थिति देखी. मुंगेर के नवागढ़ी राहत शिविर और कोजीकरैया बांध का भी जायजा लिया. भागलपुर में राहत शिविर पहुंचकर बाढ़ पीड़ितों से बातचीत की. केंद्रीय मंत्री के मुताबिक, स्थानीय लोगों ने बताया कि इस बार जलस्तर 2016 की ऐतिहासिक बाढ़ से करीब एक फीट ऊपर चला गया है. 10 दिन से ज्यादा समय तक पानी में डूबे रहने से केले और मक्के की फसलें खराब हो गईं. करीब 50 लाख लोग प्रभावित हुए हैं. घरों और पशुधन को भी नुकसान पहुंचा है. राज्य सरकार की ओर से प्रत्येक प्रभावित परिवार के बैंक खाते में 7,000 रुपये DBT के जरिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई है. बाढ़ प्रभावित इलाकों में डॉक्टरों और पैरामेडिकल टीमों को नावों से भेजा जा रहा है. राहत शिविरों और घरों तक दवाएं, स्वच्छ पानी, सूखा राशन और गर्म भोजन पहुंचाया जा रहा है. शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि राज्य सरकार SDRF और अपने संसाधनों से राहत दे रही है. अब केंद्र की ओर से अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय दल (IMCT) बिहार भेजा जाएगा. यह टीम फसलों, सड़कों, पुल-पुलियों, मकानों और पशुधन को हुए नुकसान का विस्तृत आकलन करेगी. NDRF के तहत राज्य के प्रस्ताव के आधार पर केंद्र से वित्तीय और जरूरी सहायता दी जाएगी. दिनभर के दौरे के बाद शाम 6 बजे अणे मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास पर उच्चस्तरीय बैठक होगी. इसमें केंद्र और राज्य के संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल होंगे. राहत सामग्री, स्वास्थ्य सेवाओं, फसल मुआवजे और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की बहाली को लेकर आगे की कार्ययोजना और दिशा-निर्देश तय किए जाएंगे.