एग्रीवेट: Bihar Banana Farming: बिहार में केले की खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को सरकार की ओर से सब्सिडी दी जा रही है. एकीकृत बागवानी मिशन के तहत किसानों को केले की खेती के लिए प्रति हेक्टेयर 70 हजार रुपये तक का अनुदान मिलेगा. एक किसान अधिकतम 2 हेक्टेयर क्षेत्र में योजना का लाभ ले सकता है, यानी उसे कुल 1.40 लाख रुपये तक की सहायता मिल सकती है. खगड़िया जिले में इस योजना के तहत 150 हेक्टेयर क्षेत्र में केले की खेती कराने का लक्ष्य रखा गया है.
बिहार में केले की खेती का क्षेत्र बढ़ाने के लिए विभाग ने 150 हेक्टेयर का भौतिक लक्ष्य निर्धारित किया है. यह सहायता एकीकृत बागवानी मिशन के तहत क्लस्टर आधारित खेती योजना के अंतर्गत दी जाएगी. योजना का उद्देश्य किसानों को पारंपरिक खेती के साथ बागवानी फसलों की ओर बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जिला उद्यान पदाधिकारी अभय कुमार मंडल के मुताबिक, क्षेत्र विस्तार योजना के तहत किसानों को केले की खेती की लागत पर 40 फीसदी तक अनुदान दिया जाएगा. प्रति हेक्टेयर अधिकतम 70 हजार रुपये की सहायता निर्धारित है. इससे किसानों को केले की खेती शुरू करने में आने वाली शुरुआती लागत का बोझ कम करने में मदद मिलेगी.
योजना के तहत किसानों को मिलने वाली 70 हजार रुपये की सहायता एक साथ नहीं दी जाएगी. अनुदान की राशि दो किस्तों में जारी की जाएगी. पहली किस्त के रूप में कुल सहायता राशि का 60 फीसदी यानी 42 हजार रुपये दिए जाएंगे. वहीं, दूसरी किस्त में 40 फीसदी यानी 28 हजार रुपये का भुगतान किया जाएगा. इस तरह एक हेक्टेयर केले की खेती पर किसान को कुल 70 हजार रुपये तक की सरकारी सहायता मिल सकती है. वहीं, योजना की अधिकतम सीमा के अनुसार 2 हेक्टेयर क्षेत्र में खेती करने वाले पात्र किसान को कुल 1.40 लाख रुपये तक का अनुदान मिल सकता है.
योजना के नियमों के अनुसार, किसान न्यूनतम 1 हेक्टेयर और अधिकतम 2 हेक्टेयर क्षेत्र में केले की खेती के लिए अनुदान का लाभ ले सकते हैं. खेती के लिए प्रति हेक्टेयर करीब 3,086 पौधे लगाए जाएंगे. इसमें G-9 किस्म के केले के पौधों का इस्तेमाल किया जाएगा. G-9 किस्म केले की खेती में किसानों के बीच काफी लोकप्रिय है. टिश्यू कल्चर से तैयार पौधों में एकरूपता और बेहतर उत्पादन की संभावना रहती है. बाजार में भी इस किस्म के केले की मांग देखी जाती है. इससे किसानों को उत्पादन के साथ बाजार उपलब्धता के लिहाज से भी फायदा मिल सकता है.
केले की खेती पर मिलने वाली इस सहायता का लाभ लेने के इच्छुक किसान अपने संबंधित प्रखंड उद्यान कार्यालय या जिला उद्यान कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं. किसानों को योजना की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी संबंधित विभागीय कार्यालय से मिलेगी. आवेदन और किसानों का चयन विभाग की ओर से निर्धारित नियमों के अनुसार किया जाएगा. ऐसे में इच्छुक किसानों को आवेदन करने से पहले अपने क्षेत्र के उद्यान कार्यालय से योजना की मौजूदा प्रक्रिया और शर्तों की जानकारी जरूर लेनी चाहिए. खगड़िया में 150 हेक्टेयर का लक्ष्य पूरा होने से जिले में केले की खेती का दायरा बढ़ाने के साथ किसानों को बागवानी आधारित आय का एक अतिरिक्त विकल्प भी मिल सकता है.